उत्तराखंड में मॉनसून का असर तेज, कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट; दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर भूस्खलन से दो लेन बंद

देहरादून: उत्तराखंड में मॉनसून अब पूरी तरह सक्रिय हो गया है। मंगलवार को राजधानी देहरादून सहित गढ़वाल और कुमाऊं मंडल के कई जिलों में झमाझम बारिश हुई। मौसम विभाग ने बुधवार को भी प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश, गरज-चमक और कई स्थानों पर भारी वर्षा की संभावना जताई है। वहीं, लगातार बारिश के चलते दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर पहली बड़ी चुनौती सामने आई है, जहां सहारनपुर के बिहारीगढ़ स्थित वाइल्ड लाइफ कॉरिडोर के पास पहाड़ी से मलबा गिरने के कारण एक तरफ की तीन में से दो लेन बंद करनी पड़ी हैं।
इन जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग के अनुसार बुधवार को देहरादून, हरिद्वार, पौड़ी, ऊधमसिंह नगर, नैनीताल, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, पिथौरागढ़ और बागेश्वर जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है। पर्वतीय क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ तेज बारिश और हरिद्वार व ऊधमसिंह नगर में आकाशीय बिजली गिरने की भी चेतावनी जारी की गई है।
मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक डॉ. सीएस तोमर ने बताया कि आगामी कुछ दिनों तक प्रदेशभर में बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है। मंगलवार को हुई बारिश से तापमान में गिरावट दर्ज की गई और लोगों को उमस से राहत मिली।
दून मेडिकल कॉलेज में बनाई गई क्विक रिस्पांस टीम
मॉनसून के दौरान संभावित आपदाओं और बड़े हादसों से निपटने के लिए दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल में 12 सदस्यीय क्विक रिस्पांस टीम (QRT) गठित की गई है। प्राचार्य डॉ. गीता जैन ने एमएस डॉ. आरएस बिष्ट के नेतृत्व में टीम का गठन किया है, जो सूचना मिलने के 15 मिनट के भीतर राहत और उपचार की जिम्मेदारी संभालेगी। वहीं, निदेशक डॉ. अजय आर्य ने प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेजों को भी ऐसी टीमें गठित करने और व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए हैं।
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर बढ़ी मुश्किलें
लगातार बारिश के चलते सहारनपुर के बिहारीगढ़ स्थित वाइल्ड लाइफ कॉरिडोर के पास पहाड़ी से मलबा गिरने के बाद एक्सप्रेसवे की दो लेन बंद करनी पड़ी हैं। एहतियातन एनएचएआई ने डाट काली मंदिर की ओर जाने वाले एलिवेटेड फ्लाईओवर को भी अस्थायी रूप से बंद कर दिया है, जिससे यातायात आंशिक रूप से प्रभावित हुआ है।
पिछले करीब 15 दिनों से निर्माण कार्य और लगातार रूट परिवर्तन के कारण हजारों वाहन चालकों और श्रद्धालुओं को अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है। डाट काली मंदिर जाने वाले श्रद्धालुओं को अब आशारोड़ी सीमा पार कर देहरादून की ओर जाकर यू-टर्न लेकर वापस लौटना पड़ रहा है।
भूस्खलन रोकने के लिए सुरक्षा कार्य तेज
भूस्खलन की आशंका को देखते हुए एनएचएआई ने पहाड़ियों को सुरक्षित करने का कार्य तेज कर दिया है। डाट काली मंदिर से पहले चार स्थानों पर ढलानों की कटिंग कर स्टील वायर का जाल लगाया जा रहा है। लगभग आठ मीटर तक पाइलिंग कर सरियों की मदद से ढलानों को मजबूत किया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि पूर्ण सुरक्षा सुनिश्चित होने तक यातायात नियंत्रित तरीके से ही संचालित किया जाएगा।
बारिश से एक्सप्रेसवे के अन्य हिस्सों को भी नुकसान
बारिश के कारण बागपत के गांगनौली अंडरपास के पास हाल ही में बना सीसी स्लैब टूट गया और मिट्टी के पुश्ते में कटाव हो गया। वहीं, 24 घंटे पहले भरे गए गड्ढे दोबारा उभर आए, जिसके बाद प्रभावित स्थानों पर बैरिकेडिंग कर दी गई है। उधर, मुजफ्फरनगर में दून-दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग पर नारा-जड़ौदा क्षेत्र में जलभराव के कारण यातायात धीमा हो गया। प्रशासन ने पानी की निकासी और नालों की सफाई के निर्देश जारी किए हैं।




