मनसा देवी और चंडी देवी मंदिर का रोपवे मेंटेनेंस के लिए रहेगा बंद, श्रद्धालुओं को पैदल करना होगा सफर

हरिद्वार: कांवड़ मेले से पहले सुरक्षा और सुचारु संचालन सुनिश्चित करने के लिए हरिद्वार स्थित प्रसिद्ध मनसा देवी और चंडी देवी मंदिर के रोपवे को निर्धारित अवधि के लिए बंद रखा जाएगा। रोपवे का संचालन करने वाली कंपनी ऊषा ब्रेको ने बताया कि 8 से 11 जुलाई तक मनसा देवी मंदिर और 13 से 16 जुलाई तक चंडी देवी मंदिर का रोपवे अर्धवार्षिक मेंटेनेंस के चलते बंद रहेगा।
रोपवे बंद रहने के दौरान मंदिर में दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को पैदल मार्ग से ही मंदिर तक पहुंचना होगा। मेंटेनेंस के दौरान रोपवे और पुलों की तकनीकी जांच की जाएगी। साथ ही सरकारी संस्था ब्रिडकुल द्वारा नामित अधिकारी भी सुरक्षा मानकों का निरीक्षण करेंगे।
रोजाना हजारों श्रद्धालु पहुंचते हैं दर्शन के लिए
हरिद्वार के मनसा देवी और चंडी देवी मंदिर ऊंची पहाड़ियों पर स्थित प्रमुख शक्तिपीठ हैं, जहां प्रतिदिन करीब 40 हजार श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। मनसा देवी मंदिर लगभग 1.5 किलोमीटर और चंडी देवी मंदिर करीब 3 किलोमीटर की ऊंचाई पर स्थित है। दोनों मंदिरों तक पहुंचने के लिए पैदल मार्ग के साथ-साथ रोपवे की सुविधा भी उपलब्ध है। औसतन प्रतिदिन करीब 10 हजार श्रद्धालु मनसा देवी और लगभग 3 हजार श्रद्धालु चंडी देवी मंदिर के लिए रोपवे का उपयोग करते हैं।
नए रोपवे की योजना पर भी होगा सर्वे
मेंटेनेंस कार्य के दौरान ऊषा ब्रेको नए रोपवे की संभावनाओं पर भी काम करेगी। इस अवधि में ब्रिडकुल के अधिकारी सर्वे करेंगे। यदि सर्वे रिपोर्ट अनुकूल रही तो पुराने रोपवे की जगह नया रोपवे स्थापित करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। हालांकि, नए रोपवे के निर्माण की समयसीमा अभी तय नहीं की गई है।
ऊषा ब्रेको के महाप्रबंधक मनोज डोभाल ने बताया कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह नियमित अर्धवार्षिक मेंटेनेंस किया जा रहा है। उन्होंने श्रद्धालुओं से अपील की है कि निर्धारित तिथियों के दौरान मंदिर दर्शन के लिए पैदल मार्ग का उपयोग करें और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।




