कांवड़ यात्रा में दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर नहीं चलेगी कांवड़, मुख्य सचिव ने दिए सख्त निर्देश

देहरादून: इस वर्ष कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर (एक्सप्रेसवे) का उपयोग करने की अनुमति नहीं होगी। उत्तराखंड के मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने अंतर्राज्यीय समन्वय बैठक में दिल्ली और उत्तर प्रदेश सहित संबंधित राज्यों के अधिकारियों को इस व्यवस्था का प्रभावी क्रियान्वयन समय रहते सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने कहा कि कांवड़ यात्रा के सुरक्षित एवं सुचारु संचालन के लिए राज्यों के बीच रियल टाइम समन्वय, त्वरित सूचना आदान-प्रदान, आधुनिक सर्विलांस प्रणाली और वैज्ञानिक भीड़ प्रबंधन बेहद आवश्यक है। उन्होंने सीमावर्ती क्षेत्रों में पड़ोसी राज्यों की पुलिस के साथ संयुक्त चेकपोस्ट और बैरियर स्थापित कर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश भी दिए।
मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, पंजाब और हिमाचल प्रदेश के प्रशासन एवं पुलिस विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। इसके अलावा आईटीबीपी, एसएसबी, सीआरपीएफ, आरपीएफ, एनडीआरएफ, भारतीय रेलवे तथा अन्य केंद्रीय एजेंसियों के प्रतिनिधि भी बैठक में मौजूद रहे।
बैठक में कानून व्यवस्था, भीड़ नियंत्रण, यातायात प्रबंधन, स्वास्थ्य सेवाएं, स्वच्छता, पेयजल, संचार व्यवस्था और आपदा प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई। मुख्य सचिव ने सभी राज्यों से यात्रा शुरू होने से पहले सभी तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि सभी राज्यों के बीच सूचनाओं का त्वरित आदान-प्रदान सुनिश्चित किया जाएगा। साझा सर्विलांस व्यवस्था विकसित की जाएगी और सीमा क्षेत्रों में संयुक्त निगरानी को और मजबूत किया जाएगा। सोशल मीडिया पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश देते हुए मुख्य सचिव ने कहा कि किसी भी अफवाह या भ्रामक सूचना का तत्काल तथ्यात्मक खंडन किया जाए। इसके लिए राज्यों के सोशल मीडिया सेल और साइबर इकाइयों के बीच समन्वय बढ़ाया जाएगा।
रेलवे अधिकारियों को कांवड़ यात्रा के दौरान विशेष ट्रेनों के संचालन और यात्रियों की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के भी निर्देश दिए गए। बैठक में पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ, पुलिस महानिदेशक (अभिसूचना) अभिनव कुमार, गृह सचिव शैलेश बगौली और हरिद्वार के जिलाधिकारी मयूर दीक्षित सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने बताया कि 31 जुलाई से 4 अगस्त तक पंचक रहेगा। इसके बाद 5 अगस्त से कांवड़ यात्रियों की संख्या तेजी से बढ़ने की संभावना है, जबकि 8 अगस्त से शुरू होने वाला डाक कांवड़ चरण मेले का सबसे व्यस्त और चुनौतीपूर्ण दौर माना जा रहा है।




