कांवड़ मेला 2026: पहली बार साइबर कमांडो संभालेंगे मोर्चा, सोशल मीडिया पर 24 घंटे रहेगी पुलिस की नजर

हरिद्वार: 30 जुलाई से शुरू हो रहे कांवड़ मेले में इस बार उत्तराखंड पुलिस सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने के लिए पहली बार साइबर कमांडो तैनात करेगी। गंगा घाटों, हाईवे और प्रमुख मार्गों की सुरक्षा के साथ-साथ अब सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी चौबीसों घंटे निगरानी रखी जाएगी। पुलिस का उद्देश्य साइबर अपराधों पर रोक लगाने के साथ एआई (AI) और अन्य माध्यमों से फैलाए जाने वाले भ्रामक, झूठे और भड़काऊ कंटेंट पर तत्काल कार्रवाई करना है।
पुलिस के अनुसार, फिलहाल 10 साइबर कमांडो हरिद्वार में तैनात किए जाएंगे। ये सभी कमांडो आईआईटी समेत प्रतिष्ठित संस्थानों से विशेष प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके हैं। 29 जुलाई को पूरी सुरक्षा व्यवस्था लागू होने के साथ ही साइबर कमांडो मेला कंट्रोल रूम में स्थापित साइबर सेल से अपनी जिम्मेदारी संभालेंगे।
भ्रामक पोस्ट पर होगी तत्काल कार्रवाई
हाल के वर्षों में सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव और अफवाहों के तेजी से प्रसार को देखते हुए यह कदम उठाया गया है। पुलिस का मानना है कि कांवड़ जैसे विशाल धार्मिक आयोजन के दौरान फर्जी खबरें, एडिटेड वीडियो और भड़काऊ पोस्ट कानून-व्यवस्था के लिए चुनौती बन सकती हैं। ऐसे में साइबर कमांडो सोशल मीडिया पर लगातार नजर रखेंगे और किसी भी आपत्तिजनक या भ्रामक सामग्री की पहचान होते ही उसे हटाने की प्रक्रिया शुरू करेंगे। संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।
AI से तैयार फर्जी कंटेंट पर भी रहेगी नजर
एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर ने बताया कि साइबर कमांडो इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (I4C) के सहयोग से तैनात किए जा रहे हैं। उनका मुख्य उद्देश्य साइबर फ्रॉड, एआई से तैयार भ्रामक सामग्री, फर्जी वीडियो और सोशल मीडिया पर फैलाए जाने वाले उकसाऊ संदेशों पर तत्काल कार्रवाई करना होगा, ताकि मेले के दौरान शांति और कानून व्यवस्था बनी रहे।
पांच करोड़ श्रद्धालुओं के आने की संभावना
इस वर्ष कांवड़ मेले में लगभग 5 करोड़ श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान है। इसी को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं। मेले में 6,000 पुलिसकर्मी, 13 कंपनियां पैरामिलिट्री फोर्स, पीएसी, डॉग स्क्वॉड, बम निरोधक दस्ता (BDS), सीसीटीवी कैमरे और ड्रोन निगरानी की व्यवस्था की गई है। पुलिस का कहना है कि मेले के दौरान सुरक्षा के साथ-साथ साइबर स्पेस पर भी कड़ी निगरानी रखी जाएगी, ताकि किसी भी अफवाह या साइबर अपराध को समय रहते रोका जा सके।




