उत्तराखण्डराजनीतिक

पूर्व सीएम रावत बोले – युवाओं को नहीं मिल रहा राजनीतिक निखरने का अवसर, विरासत की राजनीति से किया इनकार

देहरादून। उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा है कि राज्य में प्रतिभाशाली युवाओं की कमी नहीं है, लेकिन उन्हें राजनीति में निखरने और अपनी क्षमता दिखाने का पर्याप्त अवसर नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने विधानसभा के सीमित सत्रों और राजनीतिक अवसरों की कमी को राज्य के लिए नुकसानदायक बताया।

रावत ने कहा कि हमारे पास बड़े प्रतिभावान नौजवान हैं, लेकिन उन्हें राजनीतिक रूप से आगे बढ़ने और अपनी प्रतिभा दिखाने का मंच नहीं मिल रहा। विधानसभा सीमित समय के लिए चलती है, जिससे नए और योग्य लोगों को अपनी बात रखने और काम दिखाने का अवसर नहीं मिलता। इसका सीधा नुकसान राज्य को हो रहा है।

नई प्रतिभाओं को जोड़ने की जरूरत

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि राजनीति में नई प्रतिभाओं को जोड़ना समय की मांग है। उन्होंने दावा किया कि अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने सामान्य परिवारों से आने वाले लोगों को राजनीति में मार्गदर्शन देकर आगे बढ़ाया। कांग्रेस में एक-दो नेताओं को छोड़ अधिकांश लोग उनके साथ जुड़े रहे। हालांकि उन्होंने स्वीकार किया कि कुछ लोग अंदरूनी या बाहरी राजनीति के चलते विरोध में भी रहे होंगे।

“मेरे दिमाग में कभी विरासत की बात नहीं आई

रावत ने स्पष्ट किया कि उनके मन में कभी विरासत की राजनीति का विचार नहीं आया। उन्होंने कहा कि राजनीति में उन्होंने अपने पुत्र और पुत्री से अधिक अन्य कार्यकर्ताओं को प्राथमिकता दी।

उन्होंने बताया कि उनके एक बेटे ने दो बार अपने लिए चुनावी क्षेत्र तैयार किया, लेकिन दोनों बार उन्होंने वहां किसी अन्य व्यक्ति को चुनाव लड़ने का अवसर दिया। उनका कहना था कि उन्होंने हर क्षेत्र में काम करते हुए समर्थकों का दायरा बढ़ाया और जिन लोगों की मदद की, उनके साथ जुड़ाव को आगे बढ़ाया।

रावत ने कहा कि यदि उनके बेटे और बेटी को लोग ध्वजवाहक के रूप में देखते हैं, तो यह उनके व्यक्तिगत जुड़ाव का परिणाम है, न कि विरासत की राजनीति का हिस्सा। राजनीति में कुछ लोग नाराज रहते हैं, तो कुछ आदर्श मानते हैं। उन्होंने कहा कि वे कई युवाओं को आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं, जिनमें उनका बेटा भी शामिल है।

पूर्व सीएम के इन बयानों को प्रदेश की राजनीति में युवा नेतृत्व और विरासत की बहस के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button