उत्तराखण्ड

डीआईटी यूनिवर्सिटी की एनसीसी कैडेट्स ने बढ़ाया उत्तराखंड का मान, एक सिंगापुर तो दूसरी बनी नौसेना अधिकारी

देहरादून: डीआईटी यूनिवर्सिटी की एनसीसी गर्ल्स बटालियन ने दो बड़ी उपलब्धियां हासिल कर संस्थान और उत्तराखंड का नाम रोशन किया है। एक ओर यूनिवर्सिटी की कैडेट वृंदा बोजम्मा एम का चयन प्रतिष्ठित यूथ एक्सचेंज प्रोग्राम (वाईईपी) के तहत सिंगापुर जाने वाले भारतीय प्रतिनिधिमंडल में हुआ है, वहीं दूसरी ओर पूर्व कैडेट मनप्रीत कौर भारतीय नौसेना में अधिकारी के रूप में कमीशन प्राप्त करने में सफल रही हैं।

 

अंडर ऑफिसर (यूओ) वृंदा बोजम्मा एम का चयन देशभर के केवल 10 एनसीसी कैडेट्स में किया गया है, जो यूथ एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत सिंगापुर में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे। भारतीय दल में पांच बालिका और पांच बालक कैडेट्स शामिल हैं। चयन प्रक्रिया में विभिन्न राष्ट्रीय स्तर के प्रशिक्षण शिविरों में उत्कृष्ट प्रदर्शन और नई दिल्ली में आयोजित रिपब्लिक डे कैंप (आरडीसी) में सक्रिय भागीदारी को आधार बनाया गया।

 

वृंदा की इस उपलब्धि को उनकी मेहनत, अनुशासन और नेतृत्व क्षमता का परिणाम माना जा रहा है। उनकी सफलता अन्य युवा कैडेट्स के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी है।

 

वहीं डीआईटी यूनिवर्सिटी की पूर्व अंडर ऑफिसर मनप्रीत कौर ने 28 मई 2026 को इंडियन नेवल अकादमी से भारतीय नौसेना में अधिकारी के रूप में कमीशन प्राप्त कर एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है। मनप्रीत ने पहले ही प्रयास में यह सफलता हासिल की। उन्हें भारतीय वायु सेना समेत सशस्त्र बलों की अन्य शाखाओं से भी अनुशंसा मिली थी, लेकिन उन्होंने अपने सपने को साकार करने के लिए भारतीय नौसेना को चुना।

 

मनप्रीत कौर की सफलता एनसीसी से लेकर भारतीय नौसेना अधिकारी बनने तक के संघर्ष, समर्पण और राष्ट्रसेवा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है। उनकी उपलब्धि इस बात का उदाहरण है कि एनसीसी युवाओं में नेतृत्व और राष्ट्रसेवा की भावना विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

 

इस अवसर पर लेफ्टिनेंट (डॉ.) ब्रजलता चौहान ने विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. जी. रघुरामा और छात्र कल्याण अधिष्ठाता डॉ. राकेश मोहन का सहयोग और मार्गदर्शन के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने दोनों कैडेट्स को बधाई देते हुए कहा कि उनकी उपलब्धियां युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणादायक हैं।

 

डीआईटी यूनिवर्सिटी ने दोनों प्रतिभाशाली कैडेट्स को उनकी सफलता पर शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। यह उपलब्धि एनसीसी के मूल्यों—एकता, अनुशासन, नेतृत्व और निःस्वार्थ सेवा—को भी मजबूती से प्रदर्शित करती है।

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