विवादित बिल्डर पुनीत अग्रवाल पर गुंडा एक्ट, 7 दिन में जवाब नहीं तो होगी जिला बदर की कार्रवाई

देहरादून। सहस्त्रधारा रोड स्थित एटीएस कॉलोनी में कथित गुंडागर्दी और लगातार आपराधिक गतिविधियों के आरोपों के बीच जिला मजिस्ट्रेट न्यायालय ने बिल्डर Puneet Agrawal के खिलाफ स्वतः संज्ञान लेते हुए गुंडा एक्ट में नोटिस जारी किया है।

जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सात दिन के भीतर संतोषजनक जवाब प्रस्तुत नहीं करने की स्थिति में आरोपी के खिलाफ जिला बदर (Externment) की कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी।
पहले भी लहरा चुका है पिस्टल, लाइसेंस हो चुका निलंबित
बताया गया है कि पूर्व में दीपावली के दौरान नाबालिग बच्चों के सामने पिस्टल लहराने और लाइसेंसी शस्त्र का दुरुपयोग करने के मामले में जिलाधिकारी सविन बंसल ने स्वतः संज्ञान लेते हुए पुनीत अग्रवाल का शस्त्र लाइसेंस निलंबित कर हथियार जब्त कर लिया था।
पांच मुकदमे दर्ज, कई गंभीर आरोप
बिल्डर के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराएं 115(2), 351(2), 352, 74, 126(2), 324(4) और 447 के तहत पांच मुकदमे दर्ज हैं।
आरोपों में शामिल हैं—
मारपीट और उत्पीड़न
पिस्टल तानना और गाली-गलौज
बच्चों को धमकाना
वाहन से टक्कर मारने का प्रयास
आरडब्ल्यूए सदस्यों को झूठे मुकदमों में फंसाने का प्रयास
कूटरचित रजिस्ट्री के जरिए विधवा महिला की भूमि पर कथित अनाधिकृत कब्जा
डीआरडीओ वैज्ञानिक से मारपीट का मामला
एटीएस कॉलोनी में नगर निगम/एमडीडीए की जमीन पर कथित अवैध निर्माण का विरोध करने पर डीआरडीओ में तैनात वैज्ञानिक Aniruddh Sharma के साथ मारपीट का भी आरोप है। शिकायत के अनुसार, दीवार निर्माण का मलबा घर की ओर गिरने का विरोध करने पर विवाद बढ़ा और कथित रूप से मारपीट की गई, जिसमें वैज्ञानिक घायल हुए। पुलिस ने इस मामले में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
जनसुरक्षा के दृष्टिगत सख्ती
जिलाधिकारी ने कहा है कि महिला, बुजुर्ग, बच्चों और आम नागरिकों की सुरक्षा सर्वोपरि है। कानून हाथ में लेने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।
जिला मजिस्ट्रेट न्यायालय द्वारा गुंडा एक्ट के तहत की गई कार्रवाई को जनसुरक्षा के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। यदि निर्धारित समय में जवाब संतोषजनक नहीं मिला तो जिला बदर की कार्रवाई तय मानी जा रही है।




