उत्तराखण्ड

हरिद्वार में नियम तोड़ने वाली बसों पर चला चाबुक,15 बसों के फिटनेस सर्टिफिकेट पर संकट

हरिद्वार: हरिद्वार में मानकों के विपरीत संचालित हो रही लग्जरी स्लीपर बसों के खिलाफ परिवहन विभाग ने बड़ा अभियान चलाते हुए सख्त कार्रवाई की है। दो दिनों तक चले विशेष अभियान में 80 बसों का चालान किया गया, जबकि गंभीर अनियमितताएं मिलने पर 12 बसों को सीज कर दिया गया। इसके अलावा 15 बसों के फिटनेस प्रमाणपत्र निरस्त करने की संस्तुति भी की गई है।

 

शिकायतों के बाद चला विशेष अभियान

 

परिवहन विभाग को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि कई लग्जरी बसें बिना निर्धारित बस स्टॉप के हाईवे पर सवारियां भर रही हैं और यातायात नियमों का उल्लंघन कर रही हैं। इससे पहले भी ऐसे मामलों में कई सड़क हादसे हो चुके हैं। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देश पर सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (एआरटीओ) निखिल शर्मा के नेतृत्व में विशेष अभियान चलाया गया।

 

तकनीकी जांच में मिलीं गंभीर खामियां

 

एआरटीओ (प्रवर्तन) नेहा झा के नेतृत्व में और संभागीय निरीक्षक (प्राविधिक) आनंद वर्धन की मौजूदगी में विभिन्न मार्गों पर संचालित लग्जरी बसों की परमिट शर्तों, फिटनेस, तकनीकी मानकों और अन्य दस्तावेजों की गहन जांच की गई। जांच के दौरान कई बसों में गंभीर तकनीकी और प्रशासनिक अनियमितताएं सामने आईं।

 

एक बस में आगे-पीछे अलग-अलग नंबर प्लेट

 

अभियान के दौरान एक लग्जरी बस में आगे और पीछे अलग-अलग नंबर प्लेट लगी मिली। इस गंभीर अनियमितता पर एआरटीओ नेहा झा ने बस को तत्काल सीज कर दिया। चालक के खिलाफ चालान की कार्रवाई करते हुए बस का फिटनेस प्रमाणपत्र निरस्त करने की संस्तुति भी की गई।

 

यात्रियों की सुरक्षा से समझौता नहीं

 

सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी निखिल शर्मा ने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और सुरक्षा मानकों, परमिट शर्तों या मोटर वाहन नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन संचालकों के खिलाफ आगे भी इसी तरह सख्त अभियान जारी रहेगा। उन्होंने वाहन स्वामियों और चालकों से अपील की कि वे अपने वाहनों का संचालन सभी वैधानिक प्रावधानों और सुरक्षा मानकों के अनुरूप करें, ताकि यात्रियों की सुरक्षित और सुगम यात्रा सुनिश्चित हो सके।

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