उत्तराखंड में महंगी सीएनजी से बढ़ी लोगों की परेशानी, हर शहर में अलग रेट पर उठे सवाल

उत्तराखंड। पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों के बीच उत्तराखंड में अब सीएनजी की दरें भी आम लोगों की जेब पर भारी पड़ रही हैं। प्रदेश में अलग-अलग शहरों में सीएनजी के अलग दाम होने से लोगों में नाराजगी बढ़ रही है। देहरादून से हरिद्वार पहुंचते ही सीएनजी की कीमत में करीब साढ़े पांच रुपये तक का अंतर देखने को मिल रहा है। वहीं कुमाऊं के कई शहरों में सीएनजी 100 रुपये प्रति किलो तक बिक रही है।
प्रदेश में वर्तमान में करीब एक लाख वाहन सीएनजी पर पंजीकृत हैं। बीते कुछ वर्षों में उत्तराखंड में सीएनजी का उपयोग तेजी से बढ़ा है, खासकर व्यावसायिक वाहनों में। हालांकि अलग-अलग कंपनियों द्वारा मनमाने दाम तय किए जाने से वाहन चालकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है।
देहरादून में इस समय सीएनजी की कीमत करीब 94.50 रुपये प्रति किलो है, जबकि हरिद्वार और ऋषिकेश में यह 96.91 रुपये से लेकर 100 रुपये प्रति किलो तक पहुंच चुकी है। रुड़की, हल्द्वानी और रुद्रपुर जैसे शहरों में भी सीएनजी लगभग 100 रुपये प्रति किलो बिक रही है। कीमतों में इस अंतर का असर सार्वजनिक और व्यावसायिक परिवहन के किराए पर भी दिखाई देने लगा है।
उत्तराखंड में सीएनजी का सबसे अधिक उपयोग टैक्सी, ऑटो और अन्य व्यावसायिक वाहनों में किया जाता है। पर्यटन सीजन और चारधाम यात्रा के दौरान दूसरे राज्यों से आने वाले सीएनजी वाहन चालकों को भी महंगे ईंधन का सामना करना पड़ रहा है। इससे यात्रियों पर भी अतिरिक्त खर्च का बोझ बढ़ रहा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि प्रदेश में सीएनजी की आपूर्ति फिलहाल मुख्य रूप से मैदानी क्षेत्रों तक सीमित है। पहाड़ी इलाकों में अभी भी सीएनजी नेटवर्क बेहद कम है। इसके बावजूद कंपनियां परिवहन और पहाड़ी राज्य का हवाला देकर अधिक कीमत वसूल रही हैं।
दिल्ली और उत्तर प्रदेश की तुलना में उत्तराखंड में सीएनजी काफी महंगी है। दिल्ली में सीएनजी करीब 80 रुपये प्रति किलो बिक रही है, जबकि गाजियाबाद और नोएडा में इसकी कीमत लगभग 88 रुपये प्रति किलो है। इसके विपरीत उत्तराखंड में सीएनजी 94 रुपये से लेकर 100 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई है।




