कैंची धाम मेले को लेकर सख्त व्यवस्थाएं, 14-15 जून को ड्रोन उड़ाने पर रोक

नैनीताल। उत्तराखंड में कैंची धाम के स्थापना दिवस मेले को देखते हुए नैनीताल पुलिस की ओर से विशेष पाबंदियां लागू की गई हैं। 14 और 15 जून को धाम क्षेत्र में ड्रोन उड़ाने पर रोक रहेगी। वहीं कैंची-भवाली रोड को जीरो जोन घोषित किया गया है। इस मार्ग पर निजी और यात्री वाहनों का संचालन प्रतिबंधित रहेगा। केवल आपातकालीन सेवाओं से जुड़े वाहनों को ही आवागमन की अनुमति होगी।
इसके अलावा भवाली से कैंचीधाम, भवाली से भीमताल और भवाली से नैनीताल तक सड़क किनारे स्टॉल, फूड वैन और भंडारे के आयोजन पर भी रोक लगाई गई है। निजी एंबुलेंस की भी जांच की जाएगी। वाहन चालकों से दस्तावेज, अनुमति पत्र, मेडिकल उपकरण और अन्य सत्यापन संबंधी अभिलेखों की जांच की जाएगी। धाम क्षेत्र में ड्रोन संचालन के लिए पूर्व अनुमति अनिवार्य होगी।
कैंची मेले को लेकर अल्मोड़ा पुलिस प्रशासन ने 13 से 16 जून तक प्रभावी रहने वाला डायवर्जन प्लान भी जारी किया है। प्लान के अनुसार बागेश्वर, गरुड़ और सोमेश्वर की ओर से आने वाले वाहनों को सिकुड़ा बैण्ड से वाया लमगड़ा होते हुए हल्द्वानी भेजा जाएगा। वहीं पिथौरागढ़, शेराघाट, बेरीनाग और गंगोलीहाट से आने वाले वाहनों को भी बाड़ेछीना-सुवाखान तिराहा से वाया लमगड़ा होते हुए हल्द्वानी की ओर संचालित किया जाएगा।
15 जून को आयोजित होने वाले श्री कैंचीधाम महोत्सव को लेकर परिवहन विभाग ने भी तैयारियां पूरी कर ली हैं। आरटीओ प्रशासन डॉ. गुरदेव सिंह ने बताया कि हल्द्वानी संभाग से पांच एआरटीओ सहित 77 अधिकारियों और कर्मचारियों को मेला ड्यूटी में लगाया गया है।
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए केमू और रोडवेज की 350 से अधिक बसों को मेला ड्यूटी में लगाया गया है। कुमाऊं मोटर्स ऑनर्स यूनियन (केमू) की लगभग 250 बसों को शटल सेवा में लगाया गया है। इन बसों को 14 जून से निर्धारित शटल प्वाइंट पर पहुंचने के निर्देश दिए गए हैं। इसके चलते पर्वतीय रूटों पर बसों की उपलब्धता प्रभावित हो सकती है।
वहीं हल्द्वानी और काठगोदाम रोडवेज डिपो से करीब 100 बसों की मांग की गई है। रोडवेज प्रबंधन ने मेला ड्यूटी को देखते हुए 14 और 15 जून को संबंधित चालकों की छुट्टियां भी निरस्त कर दी हैं।




