पिथौरागढ़ में भारी बारिश का दौर जारी, आदि कैलास समेत ऊंचाई वाले इलाकों में पड़ी पहली बर्फबारी

पिथौरागढ़। उत्तराखंड के सीमांत जनपद पिथौरागढ़ में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। जिले भर में शुक्रवार शाम से मूसलधार बारिश का दौर जारी है। लगातार बारिश के कारण आम जनजीवन प्रभावित हुआ है और तापमान में भी भारी गिरावट दर्ज की गई है।
जिले की विभिन्न तहसीलों में भारी वर्षा रिकॉर्ड की गई है। पिथौरागढ़ में सबसे अधिक 56.0 मिमी और कनालीछीना में 55.6 मिमी बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा देवलथल में 44.0 मिमी, धारचूला में 34.4 मिमी, बंगापानी में 28.0 मिमी, डीडीहाट में 28.8 मिमी, थल में 25.0 मिमी, तेजम में 20.0 मिमी, बेरीनाग में 18.2 मिमी, मुनस्यारी में 16.4 मिमी, गंगोलीहाट में 13.0 मिमी और गणाई गंगोली में 11.0 मिमी वर्षा रिकॉर्ड हुई है।
वहीं, धारचूला की व्यास घाटी और दारमा घाटी के साथ ही मुनस्यारी की पंचाचूली और हसलिंग के उच्च हिमालयी क्षेत्रों में सीजन की पहली बर्फबारी शुरू हो गई है। आदि कैलास क्षेत्र भी धीरे-धीरे बर्फ की सफेद चादर से ढकने लगा है। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी के साथ कड़ाके की ठंड बढ़ गई है।
लगातार बारिश और भूस्खलन के कारण जिले में यातायात व्यवस्था भी प्रभावित हुई है। मलबा और बोल्डर आने से एनएच समेत कुल 11 मोटर मार्ग अवरुद्ध हो गए हैं। सड़क मार्ग बंद होने से कई क्षेत्रों का जिला मुख्यालय से संपर्क प्रभावित हुआ है।
मौसम को देखते हुए एहतियात के तौर पर आदि कैलास यात्रा भी रोक दी गई है। शाम छह बजे के बाद एनएच पर घाट से आगे आवाजाही पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। कैलास मानसरोवर यात्रा मार्ग पर गास्कू, मलघाट और कूलागाड़ के पास बोल्डर आने से मार्ग बंद है।
वहीं, तिब्बत स्थित तकलाकोट मंडी के समीप रुंग क्षेत्र में भी लगातार भारी बर्फबारी होने की जानकारी सामने आई है। लगातार बारिश और बर्फबारी के कारण सीमांत क्षेत्रों में ठंड बढ़ गई है और आवाजाही पर भी असर पड़ा है।




