हरिद्वार में मूसलाधार बारिश से सड़कें जलमग्न, दुकानों में घुसा पानी;DM-SSP ने किया निरीक्षण

हरिद्वार: धर्मनगरी हरिद्वार में कांवड़ मेले के अंतिम चरण के बीच सोमवार को हुई मूसलाधार बारिश ने प्रशासन की मुश्किलें बढ़ा दीं। करीब छह घंटे तक हुई तेज बारिश के बाद शहर के कई इलाकों में जलभराव हो गया। सड़कें और चौक-चौराहे पानी में डूब गए, जबकि कुछ दुकानों में भी बारिश का पानी घुस गया। कांवड़ियों को भी जलभराव और कीचड़ के कारण परेशानी का सामना करना पड़ा।
हालांकि, खराब मौसम के बावजूद शिवभक्तों का उत्साह कम नहीं हुआ। बड़ी संख्या में कांवड़िए बारिश में भीगते हुए हरकी पैड़ी और अन्य गंगा घाटों की ओर गंगाजल लेने पहुंचते रहे।
भगत सिंह चौक से रानीपुर मोड़ तक जलभराव
सोमवार सुबह करीब आठ बजे अचानक मौसम बदला और तेज बारिश शुरू हो गई। बारिश के कारण भगत सिंह चौक, रानीपुर मोड़, कनखल और उत्तरी हरिद्वार के कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई।
कई स्थानों पर पानी दुकानों तक पहुंच गया। दुकानदारों को खुद ही पानी बाहर निकालने के लिए मशक्कत करनी पड़ी। प्रशासनिक रोड और शंकराचार्य चौक पर भी बारिश का पानी जमा हो गया।
कांवड़ मेले के चलते पहले से ही शहर की सड़कों पर वाहनों और श्रद्धालुओं का भारी दबाव है। ऐसे में जलभराव ने यातायात व्यवस्था को संभालने की चुनौती और बढ़ा दी।
मनसा देवी पैदल मार्ग पर मिट्टी बहने से बढ़ी परेशानी
लगातार बारिश के कारण मनसा देवी मंदिर के पैदल मार्ग पर भी स्थिति प्रभावित हुई। पहाड़ी क्षेत्र में सड़क के नीचे से मिट्टी बहने के कारण रास्ते पर फिसलन बढ़ गई।
सूचना मिलते ही एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची और स्थिति को संभाला। मंदिर की ओर जाने वाले श्रद्धालुओं को सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए।
बारिश के बीच DM-SSP ने संभाली कमान
बारिश और जलभराव की स्थिति को देखते हुए जिलाधिकारी मयूर दीक्षित और एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर खुद मैदान में उतरे। दोनों अधिकारियों ने जलभराव वाले क्षेत्रों और प्रमुख कांवड़ मार्गों का निरीक्षण किया।
अधिकारियों ने जल निकासी, यातायात प्रबंधन और कांवड़ियों की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेते हुए संबंधित विभागों को तत्काल आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए।
चार करोड़ के पार पहुंच सकता है कांवड़ियों का आंकड़ा
कांवड़ मेले के अंतिम चरण में बड़ी संख्या में श्रद्धालु हरिद्वार पहुंच रहे हैं। अब तक करीब 3.80 करोड़ कांवड़िए गंगाजल लेकर अपने-अपने गंतव्य की ओर रवाना हो चुके हैं। प्रशासन को उम्मीद है कि सोमवार को यह आंकड़ा चार करोड़ के पार पहुंच सकता है।
अंतिम चरण में दोपहिया डाक कांवड़ वाहनों की संख्या भी बढ़ी है। ऐसे में बारिश के कारण पैदा हुई परिस्थितियों के बीच पुलिस और प्रशासन यातायात तथा श्रद्धालुओं की सुरक्षित आवाजाही पर लगातार नजर बनाए हुए है।
‘जल निकासी के तत्काल निर्देश दिए गए’
डीएम मयूर दीक्षित ने बताया कि कांवड़ यात्रा के अंतिम चरण में श्रद्धालुओं के आने-जाने का सिलसिला जारी है और दोपहिया वाहनों की संख्या अधिक है। बारिश के कारण कुछ स्थानों पर जलभराव हुआ है, जिसकी लगातार निगरानी की जा रही है।
उन्होंने कहा कि संबंधित अधिकारियों को तत्काल जल निकासी के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस और सभी विभाग आपसी समन्वय से काम कर रहे हैं। प्रशासन का प्रयास है कि कांवड़ मेले के दौरान किसी भी शिवभक्त को परेशानी न हो।



