माणा गांव में पुलिस से भिड़े असम रेजीमेंट के जवान, मेजर समेत 11 पर मुकदमा

चमोली: चीन सीमा के पास स्थित उत्तराखंड के माणा गांव में पुलिस और असम रेजीमेंट के जवानों के बीच विवाद के बाद मारपीट का मामला सामने आया है। पुलिस ने इस मामले में असम रेजीमेंट के मेजर अनमोल प्रीत समेत 10 से अधिक जवानों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस के अनुसार, घटना शनिवार शाम की है और मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
पुलिस के मुताबिक, माणा गांव के पास कांवड़ियों की अधिक संख्या के चलते जाम की स्थिति बनी हुई थी। इसी दौरान पुलिस बैरिकेडिंग पर वाहनों की जांच की जा रही थी। शाम करीब छह बजे 64 इंजीनियरिंग असम रेजीमेंट के मेजर अनमोल प्रीत अपने वाहन से वहां पहुंचे। वाहनों के दस्तावेजों की जांच में देरी को लेकर मेजर और ड्यूटी पर तैनात होमगार्ड जवान के बीच कहासुनी हो गई।
कुछ देर बाद जवानों के साथ लौटने का आरोप
पुलिस का आरोप है कि शुरुआती विवाद के बाद मेजर वहां से चले गए, लेकिन कुछ देर बाद अन्य जवानों के साथ वापस लौटे। आरोप है कि इस दौरान होमगार्ड जवान के साथ मारपीट की गई। विवाद की सूचना मिलने पर बदरीनाथ थाने से सब इंस्पेक्टर और एक अन्य पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे।
पुलिस के अनुसार, सेना के जवानों ने पुलिसकर्मियों के साथ भी मारपीट की। इसके बाद सेना के जवान मौके से चले गए। घटना के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी।
कांस्टेबल की तहरीर पर दर्ज हुआ मुकदमा
मामले में पुलिस कांस्टेबल विजय सिंह की तहरीर पर बदरीनाथ थाने में मेजर अनमोल प्रीत और उनके साथ आए 10 से अधिक जवानों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस घटनास्थल पर मौजूद लोगों से जानकारी जुटाने के साथ ही उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ा रही है।
चमोली के एसपी सुरजीत सिंह पंवार ने बताया कि मारपीट के मामले में मेजर समेत अन्य जवानों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। असम रेजीमेंट का पक्ष जानने के लिए उसके उच्च अधिकारियों से बातचीत की जा रही है।
सेना के पक्ष का इंतजार
पुलिस का कहना है कि मामले में दोनों पक्षों के तथ्यों और उपलब्ध साक्ष्यों की जांच की जा रही है। असम रेजीमेंट के अधिकारियों से बातचीत के बाद उनका पक्ष भी सामने आने की उम्मीद है। पुलिस ने कहा है कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।




