छात्रा से मारपीट पर अतिथि शिक्षिका का अनुबंध खत्म, डीएम ने स्कूल पहुंचकर लिया जायजा

अल्मोड़ा: राजकीय इंटर कॉलेज पुभाऊं में छात्रा से मारपीट के मामले में प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामले की जांच कराई गई। जांच में अतिथि शिक्षिका की भूमिका सामने आने पर उनका अनुबंध तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दिया गया।
सोमवार को जिलाधिकारी अंशुल सिंह खुद राजकीय इंटर कॉलेज पुभाऊं पहुंचे और पूरे मामले की जानकारी ली। उन्होंने विद्यालय के प्रधानाचार्य से घटनाक्रम के संबंध में जानकारी लेने के साथ संबंधित छात्रा के माता-पिता से भी मुलाकात की। डीएम ने विद्यालय के अन्य छात्र-छात्राओं से भी बातचीत कर घटना के बारे में जानकारी हासिल की।
जिलाधिकारी अंशुल सिंह ने कहा कि विद्यालयों में अनुशासन के नाम पर बच्चों के साथ किसी भी तरह की मारपीट या दंडात्मक कार्रवाई स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने शिक्षकों को बच्चों के साथ सकारात्मक व्यवहार करने और अनुशासन बनाए रखने के लिए काउंसलिंग, संवाद व सकारात्मक तरीकों का इस्तेमाल करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसी छात्र-छात्रा से जुड़ी समस्या होने पर अभिभावकों से बातचीत कर समाधान निकालने का प्रयास किया जाना चाहिए।
निरीक्षण के दौरान डीएम ने विद्यालय के शिक्षकों से मुलाकात कर पढ़ाई की स्थिति, अनुशासन, शिक्षकों की उपलब्धता और संचालित व्यावसायिक पाठ्यक्रमों की जानकारी ली। उन्होंने विद्यालय में छात्र-छात्राओं को मिल रही शैक्षणिक सुविधाओं का भी जायजा लिया।
इस दौरान छात्र-छात्राओं ने विद्यालय में फुटबॉल खेलने की सुविधा उपलब्ध कराने की मांग रखी। डीएम ने उनकी मांग पर विद्यालय में खेल सुविधाएं विकसित करने के निर्देश दिए। फुटबॉल खेलने के लिए आवश्यक मैदान उपलब्ध कराने के संबंध में भी कार्रवाई करने को कहा।
डीएम ने विद्यालय की मूलभूत सुविधाओं का भी निरीक्षण किया। उन्होंने शौचालयों की व्यवस्था सुधारने और परिसर में नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। सड़क से विद्यालय तक पहुंचने वाले मार्ग को बेहतर करने के लिए भी आवश्यक कार्रवाई करने को कहा।
पेयजल व्यवस्था की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने विद्यालय में पर्याप्त और नियमित पानी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। पानी के उचित भंडारण के लिए टैंक लगाने और पेयजल व्यवस्था को मजबूत करने के लिए जरूरी कार्य प्राथमिकता से कराने को कहा।
जिलाधिकारी ने कहा कि विद्यालय केवल पढ़ाई का केंद्र नहीं, बल्कि बच्चों के सर्वांगीण विकास का स्थान भी है। इसलिए शिक्षा के साथ सुरक्षित वातावरण, खेल सुविधाएं, स्वच्छता और अन्य मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करना जरूरी है।




