उत्तराखण्ड

महाराजा भागीरथ के सम्मान की जीत: आंदोलन के आगे झुका प्रशासन, प्रतिमा से सटा शौचालय ध्वस्त

लक्सर। लक्सर में महाराजा भागीरथ की प्रतिमा के पास बने शौचालय को लेकर चल रहा विवाद आखिरकार समाप्त हो गया। पूर्व राज्य मंत्री रविंद्र सिंह आनंद के नेतृत्व में हुए विरोध और जनआक्रोश के बाद प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए प्रतिमा से सटे विवादित शौचालय को ध्वस्त कर दिया।

30 दिन की चेतावनी के बाद कार्रवाई

रविंद्र सिंह आनंद ने इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाते हुए एसडीएम को ज्ञापन सौंपा था और 30 दिनों के भीतर शौचालय हटाने की मांग की थी। उन्होंने चेतावनी दी थी कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो लक्सर की जनता के साथ उग्र आंदोलन किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।

लगातार बढ़ते जनदबाव और स्थानीय लोगों के विरोध को देखते हुए प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए शौचालय को तुड़वा दिया।

“संस्कृति और सम्मान की लड़ाई

रविंद्र सिंह आनंद ने कहा कि महाराजा भागीरथ भारतीय संस्कृति, आस्था और गौरव के प्रतीक हैं। उनकी प्रतिमा के साथ इस प्रकार की लापरवाही और अपमान किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जा सकता।

उन्होंने कहा, “यह केवल एक शौचालय हटाने का मुद्दा नहीं था, बल्कि हमारी सांस्कृतिक अस्मिता और महापुरुषों के सम्मान की रक्षा की लड़ाई थी।”

जनता और संगठनों का आभार

आंदोलन की सफलता के बाद रविंद्र सिंह आनंद ने क्षेत्र की जनता, सामाजिक संगठनों और युवाओं का आभार जताया। उन्होंने कहा कि जब जनता संगठित होकर अपनी आवाज उठाती है तो प्रशासन को भी निर्णय लेने पड़ते हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यह निर्णय लक्सर की जागरूक जनता और जनशक्ति की जीत है।

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