मुस्लिम सेवा संगठन ने मुख्य सचिव को सौंपा ज्ञापन, विधिसम्मत कार्रवाई का आश्वासन

देहरादून: मुस्लिम सेवा संगठन के प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को उत्तराखंड के मुख्य सचिव को प्रदेश में मुस्लिम समुदाय से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर विस्तृत ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल ने मजारों पर हो रही कार्रवाई, कथित मोरल पुलिसिंग, मुस्लिम महिलाओं के खिलाफ अभद्र भाषा के इस्तेमाल, मदरसों पर लगाए जा रहे कथित असंवैधानिक प्रतिबंध, मस्जिदों से जुड़े मामलों और अन्य मुस्लिम अधिकारों से संबंधित विषयों को प्रमुखता से उठाया।
संगठन की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, प्रतिनिधिमंडल ने विशेष रूप से ‘‘लैंड जिहाद’’ के नाम पर मजारों पर कार्रवाई और ‘‘लव जिहाद’’ के नाम पर कथित मोरल पुलिसिंग का मुद्दा उठाया। इसके अलावा मुस्लिम महिलाओं के खिलाफ अभद्र भाषा के प्रयोग और मदरसों से जुड़े मामलों पर भी प्रतिनिधिमंडल ने अपनी बात रखी।
प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि मुख्य सचिव ने प्रतिनिधिमंडल द्वारा उठाए गए मुद्दों को गंभीरता से सुना और भरोसा दिलाया कि सभी मामलों में कानून और संविधान के अनुरूप विधिसम्मत कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
मुस्लिम सेवा संगठन के अध्यक्ष नईम कुरैशी ने कहा कि संगठन का उद्देश्य प्रदेश में सामाजिक सौहार्द, संवैधानिक मूल्यों और सभी नागरिकों के समान अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करना है। उन्होंने उम्मीद जताई कि शासन की ओर से उठाए गए मुद्दों पर निष्पक्ष और प्रभावी कार्रवाई की जाएगी।
प्रतिनिधिमंडल में संगठन के अध्यक्ष नईम कुरैशी के साथ पदाधिकारी साकिब, नाज़िम खान, रमीज़ राजा और नाज़िम जैदी मौजूद रहे।
प्रेस विज्ञप्ति संगठन की ओर से आकिब कुरैशी, मुस्लिम सेवा संगठन, देहरादून की ओर से जारी की गई।




