उत्तराखण्ड

SIR के काम के दबाव में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता-बीएलओ ने फांसी लगाकर की आत्महत्या, पति ने लगाया आरोप

बागेश्वर : कांडा थाना क्षेत्र के बांसतोली गांव में रविवार सुबह आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं बीएलओ कमला देवी ने घर के पास एक पेड़ पर फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतका के पति ने आरोप लगाया है कि एसआईआर के कार्य के अत्यधिक दबाव के कारण उनकी पत्नी ने यह कदम उठाया।

 

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार बांसतोली निवासी 47 वर्षीय कमला देवी पत्नी पूरन राम आंगनबाड़ी कार्यकर्ता होने के साथ बीएलओ की जिम्मेदारी भी निभा रही थीं। रविवार सुबह वह रोज की तरह उठीं और पति के साथ चाय पी। इसके बाद करीब साढ़े पांच बजे पति पूरन राम गाय का दूध निकालने गोशाला चले गए। कुछ देर बाद लौटने पर पत्नी घर में नहीं मिली। तलाश करने पर उनका शव घर के पास खेत में पेड़ से लटका मिला।

 

घटना की सूचना मिलने पर थानाध्यक्ष बलवंत कंबोज पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को नीचे उतारकर पंचनामा भरा और पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया। कमला देवी अपने पीछे पति, एक पुत्र और एक पुत्री को छोड़ गई हैं। पुत्री एमएससी और पुत्र बीएससी की पढ़ाई कर रहा है।

 

पति ने लगाया काम के दबाव का आरोप

मृतका के पति पूरन राम का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इसमें वह कह रहे हैं कि इन दिनों एसआईआर का काम चलने के कारण पत्नी पर काम का अत्यधिक दबाव था। लगातार फोन आने से वह मानसिक तनाव में थीं।

 

परिजनों ने बताया कि कमला देवी बूथ संख्या 164 जूनियर हाईस्कूल गणेशपुर की बीएलओ थीं। एसआईआर के पहले चरण में उन्होंने घर-घर जाकर मतदाता सत्यापन कर विवरण पोर्टल पर अपलोड किया था। दूसरे चरण में उन्हें 88 नोटिस वितरित करने की जिम्मेदारी दी गई थी। परिजनों के अनुसार वह 56 नोटिस ही बांट पाई थीं। 5 और 6 अगस्त को इंटर कॉलेज विजयपुर में प्रस्तावित एसआईआर शिविर के लिए सभी बीएलओ को दस्तावेजों के साथ उपस्थित होना था। इसी को लेकर वह पिछले दो दिनों से दबाव में थीं।

 

अधिकारियों ने किया खंडन

वहीं निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी कपकोट अनिल चिन्याल का कहना है कि कमला देवी ने सभी 88 नोटिस वितरण का काम पूरा कर लिया था। थानाध्यक्ष बलवंत कंबोज ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

 

जिले में 405 आंगनबाड़ी कार्यकर्ता बीएलओ की भूमिका में

बागेश्वर जिले में 2003 के बाद हुए एसआईआर में मैपिंग की वजह से मतदाता सूची में कई विसंगतियां सामने आ रही हैं। इन्हें दूर करने के लिए जिले में 405 आंगनबाड़ी कार्यकर्ता बीएलओ का काम देख रही हैं। बीएलओ का कहना है कि नई व्यवस्था और सिस्टम की दिक्कतों के कारण काम में परेशानी हो रही है।

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