उत्तराखंड मंत्रिमंडल बैठक: चकबंदी से लेकर मेडिकल कॉलेज तक अहम निर्णय

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में आज हुई मंत्रिमंडल की बैठक में 19 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक में पर्वतीय क्षेत्रों में स्वैच्छिक चकबंदी लागू करने समेत कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए।
पर्वतीय क्षेत्रों में स्वैच्छिक चकबंदी
कैबिनेट ने निर्णय लिया कि पर्वतीय जिलों में स्वैच्छिक चकबंदी लागू की जाएगी।
प्रत्येक जिले में 10 गांवों को लक्ष्य बनाया जाएगा।
चकबंदी के लिए 75 प्रतिशत ग्रामीणों की सहमति अनिवार्य होगी।
प्रक्रिया डिजिटल माध्यम से संचालित की जाएगी।
आपत्तियों के निस्तारण की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाएगी।
सेवा नियमावली और प्रशासनिक निर्णय
राजस्व परिषद समीक्षा अधिकारी सेवा नियमावली में संशोधन को मंजूरी। अब कंप्यूटर ज्ञान के साथ 8000 शब्द प्रति घंटा टाइपिंग स्पीड, माइक्रोसॉफ्ट ऑफिस और विंडोज का ज्ञान अनिवार्य होगा।
उत्तराखंड राज्य चकबंदी कर्मियों की सेवा नियमावली 2026 को स्वीकृति।
यूपीसीएल, यूजेवीएनएल और पिटकुल में निदेशक चयन नियमावली में संशोधन, अब बाहरी व्यक्ति भी निदेशक बन सकेगा।
विधानसभा सत्र के सत्रावसान को मंजूरी।
चिकित्सा एवं शिक्षा क्षेत्र से जुड़े फैसले
चिकित्सा शिक्षा निदेशालय के ढांचे का पुनर्गठन, पदों की संख्या 29 से बढ़ाकर 40 की गई।
राजकीय मेडिकल कॉलेज श्रीनगर में 2009 से कार्यरत 277 कार्मिकों को समान कार्य के लिए समान वेतन का लाभ मिलेगा।
लैब टेक्नीशियन संवर्ग का पुनर्गठन, 266 मेडिकल लैब टेक्निकल ऑफिसर पद सृजित होंगे।
फॉरेंसिक साइंस में 15 नए पदों को मंजूरी।
मेडिकल कॉलेजों में संविदा नियुक्तियों की समिति अब सचिव स्तर पर होगी।
महिला स्पोर्ट्स कॉलेज लोहाघाट में 16 पदों को स्वीकृति।
अन्य महत्वपूर्ण निर्णय
सुगंध पौध केंद्र का नाम बदलकर परफ्यूमरी अनुसंधान संस्थान किया जाएगा।
सुप्रीम कोर्ट, नई दिल्ली से संबंधित दो नए पद सृजित किए जाएंगे।
लघु जल विद्युत परियोजना नीति में संशोधन, डेवलपर की परफॉर्मेंस सिक्योरिटी समाप्त। अब डीपीआर के बजाय प्री-फिजिबिलिटी रिपोर्ट बनेगी। फॉरेस्ट क्लीयरेंस मिलने के बाद समयसीमा तय होगी।
उत्तराखंड अल्पसंख्यक शिक्षा अधिनियम के अंतर्गत शैक्षिक नियमावली मंजूर, मान्यता, नवीनीकरण और समाप्ति की प्रक्रिया तय।
पंचायत निर्माण कार्यों के लिए अनुदान 10 लाख से बढ़ाकर 20 लाख रुपये किया गया।
यात्रा व्यवसाय पंजीकरण नियमावली में संशोधन, अब होम स्टे में छह की जगह आठ कमरे तक की अनुमति। संचालक का वहीं रहना अनिवार्य। नवीनीकरण स्वतः होगा।
कैबिनेट के इन निर्णयों को प्रदेश के प्रशासनिक, शैक्षिक और विकासात्मक ढांचे को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।




