देहरादून में छह एटीएम से 5.61 लाख रुपये की अवैध निकासी, पुलिस ने शुरू की जांच

देहरादून: एसटीएफ की ओर से इसी महीने साइबर अपराधियों और उनके नेटवर्क के खिलाफ सात दिवसीय ‘ऑपरेशन हॉटस्पॉट’ चलाए जाने के बावजूद साइबर फ्रॉड के मामले सामने आ रहे हैं। ताजा मामला देहरादून के कोतवाली डालनवाला क्षेत्र का है, जहां अलग-अलग बैंकों के छह एटीएम से 5.61 लाख रुपये से अधिक की अवैध निकासी का मामला सामने आया है। मामले में पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
साइबर सेल की जांच में सामने आया कि करनपुर, ईसी रोड, राजपुर रोड, दर्शन लाल चौक, सर्कुलर रोड और 5th क्रॉस रोड स्थित एटीएम से कई किस्तों में रकम निकाली गई। जांच के दौरान एसबीआई, यूको बैंक, केनरा बैंक, साउथ इंडियन बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा और यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के एटीएम से निकासी की जानकारी सामने आई है। इन सभी एटीएम से कुल 5,61,256.53 रुपये निकाले जाने की बात सामने आई है।
पुलिस के अनुसार आरोपियों ने किसी एक एटीएम को निशाना नहीं बनाया, बल्कि अलग-अलग इलाकों में स्थित विभिन्न बैंकों के एटीएम से रकम निकाली। साइबर सेल की रिपोर्ट मिलने के बाद करनपुर चौकी प्रभारी की ओर से संबंधित एटीएम और घटनास्थलों की जानकारी जुटाई गई।
पुलिस ने अब संबंधित एटीएम में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू कर दी है। फुटेज के आधार पर रकम निकालने वाले संदिग्धों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है। साथ ही पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि अलग-अलग एटीएम से रकम निकालने के पीछे कौन लोग शामिल हैं और रकम किस तरीके से निकाली गई।
उपनिरीक्षक विक्की टम्टा के अनुसार एटीएम से म्यूल अकाउंट के जरिए पैसों की निकासी की गई है। म्यूल अकाउंट ऐसे बैंक खातों को कहा जाता है, जिनका इस्तेमाल साइबर अपराधी या जालसाज ठगी अथवा अवैध रूप से प्राप्त धन को प्राप्त करने और आगे ट्रांसफर करने के लिए करते हैं।
कोतवाली डालनवाला प्रभारी विनोद गुसाईं ने बताया कि उपनिरीक्षक विक्की टम्टा की शिकायत के आधार पर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की धारा 318(4) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और सीसीटीवी फुटेज समेत अन्य माध्यमों से संदिग्धों की पहचान का प्रयास किया जा रहा है।
गौरतलब है कि इसी महीने एसटीएफ ने साइबर अपराधियों और उनके नेटवर्क के खिलाफ सात दिवसीय ‘ऑपरेशन हॉटस्पॉट’ चलाया था। अभियान के दौरान ठगी की रकम निकालने वालों के साथ-साथ साइबर अपराध में इस्तेमाल होने वाले बैंक खाते, सिम, एटीएम, चेक और डिजिटल संसाधन उपलब्ध कराने वालों के खिलाफ कार्रवाई की गई थी। इस दौरान 15 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया गया और 247 संदिग्धों को कानूनी नोटिस जारी किए गए थे।




