सांसद इकरा हसन के खिलाफ हिंदू रक्षा दल का प्रदर्शन, दारुल उलूम की जांच की भी उठाई मांग

सहारनपुर। उत्तर प्रदेश के सहारनपुर से सांसद इकरा हसन के खिलाफ कार्रवाई और देवबंद स्थित दारुल उलूम देवबंद की जांच की मांग को लेकर बुधवार को हिंदू रक्षा दल उत्तराखंड के कार्यकर्ताओं ने जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन का नेतृत्व संगठन के प्रदेश अध्यक्ष ललित शर्मा ने किया। इस दौरान संगठन के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने जोरदार नारेबाजी करते हुए प्रशासन को ज्ञापन सौंपा।
प्रदर्शन के दौरान हिंदू रक्षा दल के प्रदेश अध्यक्ष ललित शर्मा ने सांसद इकरा हसन के पुलिस के प्रति कथित व्यवहार को लेकर नाराजगी जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि इस तरह की घटनाओं से सांप्रदायिक तनाव का माहौल बन सकता है। ललित शर्मा ने सांसद इकरा हसन पर गंभीर आरोप लगाते हुए उनके खिलाफ जांच और कार्रवाई की मांग की। उन्होंने यह भी कहा कि सांसद के परिवार से जुड़े मामलों की भी जांच होनी चाहिए।
प्रदर्शन के दौरान महिला सांसद को लेकर कुछ कार्यकर्ताओं द्वारा अभद्र भाषा का प्रयोग किए जाने का मामला भी सामने आया। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए ललित शर्मा ने कहा कि जो लोग महिलाओं के सम्मान की बात करते हैं, वही आज एक महिला सांसद का अपमान कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जिला अधिकारी कार्यालय परिसर में प्रदर्शन के दौरान भाषा शैली इतनी खराब थी कि वहां मौजूद हर व्यक्ति यह सब देखता रह गया।
ललित शर्मा ने आरोप लगाया कि प्रशासनिक अधिकारी और पुलिसकर्मी मौके पर मौजूद थे, लेकिन किसी ने भी महिला सांसद के खिलाफ की जा रही अभद्र टिप्पणियों को रोकने का प्रयास नहीं किया। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन के दौरान सांसद इकरा हसन को लेकर आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया गया और उन्हें “जिहादी” तक कहा गया।
मीडिया से बातचीत के दौरान जब ललित शर्मा से सवाल किया गया कि सांसद इकरा हसन के साथ कश्यप समाज के लोग और अन्य हिंदू समुदाय के लोग भी मौजूद थे, तो उन्होंने कहा कि “वे लोग हिंदू नहीं हैं, वे उसके ही आदमी हैं, मुस्लिम हैं। हम कश्यप समाज का सम्मान करते हैं।”
प्रदर्शन के दौरान ललित शर्मा ने देवबंद स्थित दारुल उलूम को लेकर भी कई दावे किए और उसकी जांच कराने की मांग प्रशासन से की। उन्होंने दावा किया कि “14 फीट नीचे शिवलिंग मिलेगा और अगर शिवलिंग नहीं मिला तो मुझे फांसी दे दो।”
जिला अधिकारी कार्यालय के बाहर करीब एक घंटे तक चले प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी की। बाद में संगठन की ओर से संबंधित मांगों को लेकर प्रशासन को ज्ञापन सौंपा गया।




