देहरादून में 13 साल की बच्ची से यौन अपराध, आरोपी को तीन साल की सजा

देहरादून। विशेष न्यायाधीश पॉक्सो/प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कुसुम शानी की अदालत ने करीब छह साल पुराने मामले में आरोपी आकाश उर्फ सोनी को नाबालिग से यौन अपराध और छेड़छाड़ का दोषी करार दिया है। अदालत ने आरोपी को तीन साल के कारावास और पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना अदा नहीं करने पर उसे एक माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
मामला 21 अक्टूबर 2020 का है। कोतवाली नगर क्षेत्र में 13 वर्षीय बच्ची के पिता ने पुलिस को शिकायत दी थी कि पड़ोस में रहने वाला आकाश उर्फ सोनी बच्ची को मोमोज और चाउमीन खिलाने के बहाने अपने साथ एक खंडहर में ले गया। आरोप था कि वहां आरोपी ने कोल्ड ड्रिंक में बीयर मिलाकर बच्ची को पिलाई और उसके साथ गलत हरकत की। परिजनों द्वारा तलाश किए जाने पर बच्ची आरोपी के साथ जाखन क्षेत्र में मिली थी। पुलिस के अनुसार, उस समय बच्ची नशे की हालत में थी।
मामले की सुनवाई के दौरान पीड़िता के बयान और जिरह में सामने आया कि वह आरोपी के साथ अपनी इच्छा और दोस्ती के चलते गई थी। आरोपी द्वारा उसे जबरन या बहला-फुसलाकर ले जाने का आरोप पर्याप्त रूप से साबित नहीं हो सका। इसके चलते अदालत ने आईपीसी की धारा 363 के तहत अपहरण के आरोप से आरोपी को बरी कर दिया।
हालांकि, अदालत ने घटना के समय पीड़िता की उम्र 12 वर्ष 9 माह होने तथा उसके बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पॉक्सो एक्ट के तहत यौन अपराध का आरोप प्रमाणित माना। इसके साथ ही आईपीसी की धारा 354 के तहत आरोपी को एक साल के कारावास और तीन हजार रुपये जुर्माने की सजा भी सुनाई गई है। दोनों सजाएं साथ-साथ चलेंगी।
अदालत ने पीड़िता को 50 हजार रुपये प्रतिकर दिए जाने का भी आदेश दिया है। फैसले की प्रति जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, देहरादून को भेजने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि राज्य सरकार की प्रस्तावित योजना के तहत पीड़िता को यह राशि दिलाई जा सके।
फैसला सुनाए जाने के समय आरोपी न्यायिक अभिरक्षा में था। अदालत ने उसकी सजा भुगतने के लिए वारंट तैयार कर जिला कारागार भेजने के निर्देश दिए हैं।




