कांवड़ यात्रा के पहले दिन हरिद्वार में हंगामा, सलीम वास्तिक के हवन पर धर्मशाला समिति की आपत्ति

हरिद्वार: कांवड़ यात्रा 2026 की शुरुआत के साथ ही स्वयं को पूर्व मुस्लिम (एक्स मुस्लिम) बताने वाले सलीम वास्तिक अपने चार साथियों के साथ हरिद्वार पहुंचे। यहां हवन-यज्ञ को लेकर रोड धर्मशाला में विवाद की स्थिति उत्पन्न हो गई। धर्मशाला समिति की आपत्ति के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर दोनों पक्षों को शांत कराया। इसके बाद सलीम वास्तिक और उनके साथी दूसरे आश्रम में चले गए, जहां उन्होंने हवन जारी रखने की बात कही है।
हवन को लेकर हुआ विवाद
जानकारी के अनुसार, सलीम वास्तिक अपने चार साथियों के साथ गाजियाबाद से हरिद्वार गंगाजल लेने और हवन-यज्ञ करने पहुंचे थे। वे रोड धर्मशाला में हवन कर रहे थे, तभी धर्मशाला समिति ने इस पर आपत्ति जताई। विवाद बढ़ने पर पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों से शांति बनाए रखने की अपील की।
इसके बाद सलीम वास्तिक और उनके साथी धर्मशाला छोड़कर दूसरे आश्रम में चले गए। उन्होंने कहा कि वे 6 अगस्त तक वहां हवन करेंगे और 7 अगस्त को हरकी पैड़ी से गंगाजल लेकर गाजियाबाद स्थित डासना पीठ में भगवान शिव का जलाभिषेक करेंगे।
विश्व शांति और सामाजिक सौहार्द की कही बात
समूह के सदस्यों ने बताया कि उनका उद्देश्य विश्व शांति, सामाजिक सौहार्द और देश में अमन-चैन की कामना के साथ कांवड़ यात्रा करना है। सलीम वास्तिक ने आरोप लगाया कि उन्हें तय स्थान पर हवन करने की अनुमति नहीं दी गई, इसलिए उन्होंने दूसरे आश्रम में धार्मिक अनुष्ठान जारी रखने का निर्णय लिया।
शहर कोतवाल कुंदन सिंह राणा ने बताया कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी को सुरक्षित रूप से दूसरे आश्रम भेज दिया गया है। पूरे घटनाक्रम के दौरान पुलिस और खुफिया एजेंसियां सतर्क रहीं।
बच्चों की सलामती के लिए कांवड़ यात्रा
समूह में शामिल अनीषा बानो ने बताया कि उन्होंने दो वर्ष पहले इस्लाम छोड़ दिया था। उनके अनुसार वर्ष 2024 में उनके पति ने उन्हें तलाक दे दिया और दोनों बच्चों को अपने साथ रख लिया। उन्होंने कहा कि वह अपने बच्चों की सलामती और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना के साथ कांवड़ यात्रा में शामिल हुई हैं।
कांवड़ मार्ग से हटाया गया अतिक्रमण
उधर, कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा और यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए बहादराबाद पुलिस ने रानीपुर झाल से बोंगला बाईपास तक अतिक्रमण हटाने का अभियान चलाया। सड़क किनारे लगी अस्थायी दुकानों को हटाकर कांवड़ मार्ग को सुचारु बनाया गया।
वरिष्ठ उपनिरीक्षक मनोज गैरोला ने बताया कि अस्थायी अतिक्रमण के कारण हाईवे संकरा हो रहा था, जिससे कांवड़ियों की आवाजाही प्रभावित होने और दुर्घटनाओं की आशंका बनी हुई थी। पुलिस ने चेतावनी दी है कि दोबारा अतिक्रमण पाए जाने पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।




