20 अक्टूबर को देहरादून में दशहरा, शोभायात्रा के रूट और परेड ग्राउंड के प्रवेश द्वार में हुआ बदलाव

देहरादून: असत्य पर सत्य और बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक दशहरा पर्व इस बार देहरादून में खास होने जा रहा है। राजधानी के ऐतिहासिक परेड ग्राउंड में इस साल 181 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन किया जाएगा। बन्नू बिरादरी की दशहरा कमेटी की ओर से रावण, कुंभकर्ण और मेघनाथ के पुतले तैयार कर खड़े कर दिए गए हैं। 20 अक्टूबर को यहां भव्य दशहरा कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।
पिछले साल परेड ग्राउंड में 121 फीट ऊंचे रावण का पुतला लगाया गया था, जबकि कुंभकर्ण और मेघनाथ के पुतले 70 और 75 फीट ऊंचे थे। इस बार रावण का पुतला 181 फीट ऊंचा बनाया गया है, जबकि कुंभकर्ण और मेघनाथ के पुतले 70-70 फीट ऊंचे होंगे। आयोजन को और भव्य बनाने के लिए लंका का आकर्षक स्वरूप भी तैयार किया जा रहा है।
दशहरा आयोजन के लिए बन्नू बिरादरी की दशहरा कमेटी ने करीब 21 लाख रुपये खर्च किए हैं। पिछले साल आयोजन पर लगभग 16 लाख रुपये खर्च हुए थे।
कलिका मंदिर से निकलेगी शोभायात्रा
दशहरा कमेटी के प्रधान संतोख नागपाल ने बताया कि इस बार 181 फीट ऊंचा रावण का पुतला आयोजन का मुख्य आकर्षण रहेगा। शोभायात्रा कलिका मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद रवाना होगी। इसके बाद पलटन बाजार, मोती बाजार और चकराता रोड से होते हुए परेड ग्राउंड पहुंचेगी।
हर साल दशहरा कार्यक्रम में हजारों लोग शामिल होते हैं। भीड़ को देखते हुए इस बार प्रवेश व्यवस्था में बदलाव किया गया है। संतोख नागपाल के अनुसार, शोभायात्रा इस बार दून क्लब के सामने के बजाय तिब्बती मार्केट के गेट से परेड ग्राउंड में प्रवेश करेगी।
सुरक्षा के लिए पुलिस और बाउंसर रहेंगे तैनात
आयोजन के दौरान भीड़ को नियंत्रित करने के लिए परेड ग्राउंड के सभी गेटों पर पुलिस प्रशासन की टीम के साथ दशहरा कमेटी की ओर से बाउंसर भी तैनात किए जाएंगे। कमेटी का कहना है कि पिछले वर्षों के अनुभवों को ध्यान में रखते हुए प्रवेश मार्ग और सुरक्षा व्यवस्था में बदलाव किया गया है।
रिमोट से होगा रावण के पुतले का दहन
इस बार दशहरा कार्यक्रम में तकनीक का भी इस्तेमाल किया जाएगा। संतोख नागपाल ने बताया कि रावण के पुतले का दहन रिमोट के जरिए किया जाएगा। पुतले में आठ बम लगाए गए हैं, जिन्हें रिमोट से ब्लास्ट किया जाएगा। आयोजन के दौरान मुख्यमंत्री, मंत्री, मेयर और विधायक रिमोट का बटन दबाकर पुतले में लगे बमों को सक्रिय करेंगे।
आतिशबाजी से पर्यावरण पर पड़ने वाले प्रभाव को लेकर पूछे गए सवाल पर नागपाल ने बताया कि कार्यक्रम में इको-फ्रेंडली पटाखों का भी इस्तेमाल किया जाएगा। 20 अक्टूबर को होने वाले इस आयोजन में 181 फीट ऊंचे रावण का दहन देखने के लिए बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की उम्मीद है।




