उत्तराखण्ड

SIR के बाद कांग्रेस की नई रणनीति, 75 हजार मतदाताओं के नाम जोड़ने की प्रक्रिया पर रखेगी नजर

देहरादून। उत्तराखंड में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के बाद अंतिम मतदाता सूची जारी हो चुकी है। अब कांग्रेस ने मतदाता सूची में दोबारा नाम जोड़ने की प्रक्रिया पर निगरानी रखने की रणनीति बनाई है। पार्टी की नजर खास तौर पर उन मतदाताओं पर है, जिन्हें जांच के बाद दोबारा मतदाता सूची में शामिल होने का अवसर दिया जा रहा है।

SIR के बाद प्रदेश की अंतिम मतदाता सूची में 71,58,949 मतदाता दर्ज हैं। SIR शुरू होने के समय यह संख्या 79,60,762 थी। निर्वाचन आयोग ने अंतिम सूची जारी होने के बाद उन पात्र मतदाताओं की पहचान और पुन: नामांकन के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं, जिनके नाम नई सूची में शामिल नहीं हैं। इसके तहत बूथ लेवल अधिकारियों को पुरानी और नई मतदाता सूची का मिलान कर पात्र लोगों की पहचान करने और उनके नाम दोबारा जुड़वाने में मदद करने को कहा गया है।

कांग्रेस का कहना है कि अब पार्टी का फोकस उन करीब 75 हजार मतदाताओं पर रहेगा, जिन्हें दोबारा मतदाता सूची में शामिल होने का मौका दिया जाना है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि पार्टी ने पूरी SIR प्रक्रिया पर नजर रखी है और अब नाम जोड़ने की प्रक्रिया की भी निगरानी की जाएगी।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ता यह सुनिश्चित करेंगे कि पात्र मतदाताओं के नाम दोबारा सूची में शामिल हों और प्रक्रिया में किसी तरह की अनियमितता न हो।

दरअसल, SIR प्रक्रिया शुरू होने के बाद से ही कांग्रेस मतदाता सूची से नाम हटाए जाने को लेकर निर्वाचन आयोग पर सवाल उठाती रही है। पार्टी ने आरोप लगाया था कि प्रक्रिया के दौरान पात्र मतदाताओं के नाम भी सूची से बाहर किए जा सकते हैं। कांग्रेस ने फॉर्म-7 के कथित दुरुपयोग और शिकायतों के आधार पर नाम हटाए जाने को लेकर भी आपत्ति जताई थी।

हालांकि, कांग्रेस का कहना है कि मतदाता सूची से हटाए गए सभी नामों को लेकर पार्टी को आपत्ति नहीं है। पार्टी के मुताबिक मृत मतदाताओं, एक से अधिक स्थानों पर दर्ज नामों या अन्य कारणों से अपात्र पाए गए लोगों के नाम हटाया जाना प्रक्रिया का हिस्सा है। आपत्ति उन मामलों को लेकर है, जहां पात्र मतदाताओं के नाम सूची से बाहर होने की आशंका है।

निर्वाचन आयोग की ओर से भी स्पष्ट किया गया है कि अंतिम सूची से बाहर रह गए पात्र मतदाता सामान्य प्रक्रिया के तहत फॉर्म-6 के माध्यम से मतदाता सूची में नाम शामिल कराने के लिए आवेदन कर सकते हैं। आयोग ने SIR के बाद ऐसे मतदाताओं की पहचान और नामांकन के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं।

कांग्रेस अब इसी प्रक्रिया पर अपने बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं के माध्यम से नजर रखने की तैयारी में है। पार्टी का कहना है कि जिन लोगों के नाम सत्यापन के दौरान अनुपस्थित रहने या निर्धारित दस्तावेज उपलब्ध नहीं करा पाने के कारण सूची में शामिल नहीं हो पाए, उन्हें दोबारा अपनी पात्रता साबित करने का पूरा अवसर मिलना चाहिए।

SIR के बाद मतदाता सूची को लेकर कांग्रेस और निर्वाचन आयोग के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। ऐसे में आने वाले दिनों में नाम जोड़ने के लिए चलने वाला विशेष अभियान भी राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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