उत्तराखंड में नई बिजली दरें घोषित, किसी श्रेणी में बढ़ोतरी नहीं; कई वर्गों को मिली राहत

उत्तराखंड। उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग ने नए वित्तीय वर्ष के लिए बिजली की दरों का ऐलान कर दिया है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि इस बार घरेलू और कॉमर्शियल समेत किसी भी श्रेणी में बिजली शुल्क नहीं बढ़ाया गया है। इसके उलट कुछ श्रेणियों में राहत देते हुए दरों में कटौती की गई है। नई दरें एक अप्रैल से प्रदेशभर में लागू होंगी।
आयोग के अध्यक्ष एमएल प्रसाद ने नियामक कार्यालय में सालाना टैरिफ की घोषणा करते हुए बताया कि ऊर्जा निगम की ओर से दरों में 17.40 प्रतिशत वृद्धि का प्रस्ताव दिया गया था। यूजेवीएनएल और पिटकुल के प्रस्तावों को शामिल करने पर कुल प्रस्तावित बढ़ोतरी 18.86 प्रतिशत तक पहुंच रही थी।
आयोग ने परीक्षण के दौरान पाया कि यूपीसीएल ने ग्रांट के रूप में मिलने वाली राशि को भी लोन और रिटर्न ऑफ इक्विटी के रूप में प्रस्ताव में शामिल किया था, साथ ही गत वर्षों के खर्च भी जोड़े गए थे। इन बिंदुओं को खारिज करते हुए उपभोक्ताओं को राहत दी गई है।
फ्लैट और अपार्टमेंट निवासियों को बड़ी राहत
प्रदेशभर के ग्रुप हाउसिंग अपार्टमेंट और फ्लैट में रहने वाले उपभोक्ताओं को सस्ती बिजली मिलेगी। आयोग ने सिंगल प्वाइंट बल्क बिजली सप्लाई की दर 7.50 रुपये प्रति यूनिट से घटाकर 6.25 रुपये प्रति यूनिट कर दी है।
यह फैसला बिल्डरों और रेजिडेंट वेलफेयर सोसायटी द्वारा लिए जाने वाले सिंगल प्वाइंट कनेक्शन और उपभोक्ताओं से वसूले जाने वाले बिल को लेकर लंबे समय से चल रहे विवाद को समाप्त करने की दिशा में उठाया गया कदम माना जा रहा है।
इस निर्णय से देहरादून, हरिद्वार, ऊधमसिंह नगर और नैनीताल जिलों के अपार्टमेंट निवासियों को सीधा लाभ मिलेगा और घरेलू श्रेणी के अन्य उपभोक्ताओं के बिलों में एकरूपता आएगी।
पर्यटन और उद्योग को भी लाभ
नए टैरिफ के अनुसार पर्यटन के ऑफ सीजन में होटल और रेस्तरां का बिजली बिल कम आएगा। उद्योगों को भी विभिन्न श्रेणियों में सस्ती बिजली देने की व्यवस्था की गई है।
डिजिटल भुगतान और प्रीपेड मीटर पर छूट
इस वर्ष भी ऑनलाइन डिजिटल भुगतान पर 1.5 प्रतिशत की छूट जारी रहेगी। इसके अलावा अन्य माध्यम से तय समय पर भुगतान करने पर 1 प्रतिशत की छूट मिलेगी। यह छूट एलटी श्रेणी के लिए अधिकतम 10 हजार रुपये प्रति माह और एचटी श्रेणी के लिए अधिकतम एक लाख रुपये प्रति माह तक सीमित रहेगी। आंशिक भुगतान की स्थिति में यह छूट लागू नहीं होगी।
साथ ही सामान्य टैरिफ के 30 प्रतिशत के बराबर पीक आवर सरचार्ज इस वर्ष भी लागू रहेगा।
प्रीपेड मीटर उपभोक्ताओं को प्रोत्साहित करने के लिए घरेलू श्रेणी में 4 प्रतिशत और अन्य उपभोक्ताओं को 3 प्रतिशत की छूट दी जाएगी। प्रीपेड स्मार्ट मीटर पर कोई सिक्योरिटी जमा नहीं ली जाएगी, जबकि अस्थायी कनेक्शन वाले प्रीपेड मीटर में सिक्योरिटी लागू रहेगी।




