आरोप साबित करने में नाकाम रही पुलिस, ISIS केस में दो युवकों को राहत

नई दिल्ली: दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने ISIS से जुड़े होने के आरोप में 2018 में गिरफ्तार किए गए जमशेद ज़हूर पॉल और परवेज़ राशिद लोन को बरी कर दिया है।
आरोपियों के खिलाफ ठोस सबूत नहीं
कोर्ट ने स्पष्ट किया कि अभियोजन पक्ष आरोपियों के खिलाफ ऐसा कोई ठोस सबूत पेश करने में असफल रहा जो यह साबित कर सके कि वे ISIS से जुड़े थे। इस आधार पर दोनों को ‘संदेह का लाभ’ (Benefit of Doubt) देते हुए बरी किया गया।
कोर्ट का निर्णय
न्यायमूर्ति अमित बंसल ने फैसला सुनाते हुए कहा कि किसी भी व्यक्ति को केवल आरोपों के आधार पर जेल में नहीं रखा जा सकता। आरोप साबित करने के लिए पुख्ता साक्ष्य होना अनिवार्य है।
आरोपों की जानकारी
दोनों आरोपियों के खिलाफ UAPA की धारा 18 और 20 (आतंकवादी गतिविधियों में शामिल होना) और शस्त्र अधिनियम (Arms Act) के तहत अवैध हथियार रखने या उपयोग करने के मामले थे।



