एसओपी के बाद भी होटल-रेस्तरां को नहीं मिले व्यावसायिक सिलिंडर, अस्पतालों को प्राथमिकता

देहरादून। उत्तराखंड में व्यावसायिक गैस सिलिंडर को लेकर स्थिति अब भी पूरी तरह सामान्य नहीं हो पाई है। प्रदेश सरकार की ओर से एसओपी जारी होने के बावजूद मंगलवार को होटल, रिजॉर्ट और ढाबों को सिलिंडर की आपूर्ति नहीं हो सकी। फिलहाल उपलब्ध सिलिंडरों को प्राथमिकता के आधार पर अस्पतालों और शिक्षण संस्थानों को दिया जा रहा है।
जिला पूर्ति अधिकारी मनोज बर्मन ने बताया कि सरकार से एसओपी मिल चुकी है, लेकिन अब गैस वितरक कंपनियां अपने स्तर पर विस्तृत दिशा-निर्देश तैयार करेंगी। इसके बाद ही होटल-रेस्तरां समेत अन्य व्यावसायिक उपभोक्ताओं को सीमित मात्रा में सिलिंडर उपलब्ध कराए जाएंगे।
उन्होंने बताया कि इंडेन, भारतगैस और एचपी गैस की एजेंसियां अपनी जरूरत के अनुसार उच्च अधिकारियों को मांग भेजेंगी। इसके बाद कंपनियों के स्तर पर स्वीकृति मिलने पर प्लांट से सिलिंडर की आपूर्ति की जाएगी। उपलब्धता के आधार पर ही एजेंसियों को आगे वितरण के लिए एसओपी दी जाएगी।
जिले में फिलहाल करीब 500 व्यावसायिक सिलिंडर उपलब्ध हैं, जिन्हें अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों को प्राथमिकता के आधार पर दिया जा रहा है।
इस बीच गैस एजेंसियों ने भी स्थिति स्पष्ट की है। चौधरी गैस एजेंसी की सह-प्रबंधक रमणी चौधरी के अनुसार, मंगलवार को साईं अस्पताल, कृष्णा अस्पताल और बृजलाल अस्पताल को सिलिंडर उपलब्ध कराए गए। वहीं सरस मार्केट स्थित इंडेन एजेंसी के प्रबंधक भरत सिंह खाती ने बताया कि अभी केवल अस्पतालों और शिक्षण संस्थानों के लिए ही सिलिंडर उपलब्ध हैं।
उन्होंने कहा कि जैसे ही नए निर्देश और पर्याप्त आपूर्ति मिलेगी, होटल, रेस्तरां, ढाबों और रिजॉर्ट को भी व्यावसायिक सिलिंडर दिए जाएंगे।
फिलहाल, सिलिंडर आपूर्ति की इस स्थिति से होटल और रेस्टोरेंट कारोबारियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है और वे जल्द आपूर्ति बहाल होने का इंतजार कर रहे हैं।




