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एसजीआरआर पीजी छात्रा डॉ. तन्वी आत्महत्या मामले में नया मोड, जांच का फोकस अब मोबाइल फोन पर

देहरादून। श्री गुरु राम राय चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विज्ञान संस्थान (एसजीआरआर) की पीजी छात्रा डॉ. तन्वी की आत्महत्या के मामले में पुलिस जांच अब मोबाइल फोन पर केंद्रित हो गई है। जांच अधिकारियों का मानना है कि मृतका का फोन इस पूरे प्रकरण की गुत्थी सुलझाने में अहम भूमिका निभा सकता है।

पुलिस ने पीड़ित परिजनों को फोन से किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ न करने की सख्त हिदायत दी है। अधिकारियों के अनुसार फोन को जल्द ही कब्जे में लेकर उसकी कॉल डिटेल, चैट और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच की जाएगी।

पोस्टमार्टम के बाद बिना सूचना ले गए शव

जानकारी के मुताबिक बुधवार को पोस्टमार्टम के बाद परिजन बिना पुलिस को सूचना दिए शव लेकर अंबाला के लिए रवाना हो गए। वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा जब मृतका के मोबाइल फोन के बारे में जानकारी ली गई तो पता चला कि पुलिस टीम परिजनों से फोन लेना भूल गई थी।

इसके बाद परिजनों से संपर्क किया गया, लेकिन तब तक वे काफी दूर निकल चुके थे। पुलिस ने परिजनों से जल्द से जल्द मोबाइल फोन देहरादून पहुंचाने को कहा है।

पिता का दावा: आत्महत्या से पहले एक घंटे की थी बातचीत

मृतका के पिता का दावा है कि आत्महत्या से पहले डॉ. तन्वी ने उनसे करीब एक घंटे तक फोन पर बातचीत की थी। इस दौरान उन्होंने मानसिक रूप से परेशान होने की बात कही थी। इसके बाद डॉ. तन्वी ने देहरादून में अपनी मां को व्हाट्सएप पर संदेश भेजकर घर देर से पहुंचने की जानकारी दी थी।

पुलिस को संदेह है कि कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) से महत्वपूर्ण सुराग मिल सकते हैं। यह भी आशंका जताई जा रही है कि आत्महत्या से पूर्व उन्होंने किसी अन्य व्यक्ति से भी बात की हो या कोई वीडियो रिकॉर्ड किया हो।

पुलिस के अनुसार मृतका के पिता ने बताया है कि वे अस्थि विसर्जन के लिए हरिद्वार आएंगे और उसी दौरान मोबाइल फोन पुलिस को सौंप देंगे।

फिलहाल पुलिस डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर मामले की गहराई से जांच की तैयारी कर रही है।

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