उत्तराखण्ड

मुख्यमंत्री के साथ फोटो खिंचवाकर ‘रौब’ ग़ालिब कर सरकारी जमीन पर ‘कब्जा’, मेहूवाला में भूमाफियाओं का बड़ा खेल

मुख्यमंत्री को गुलदस्ता भेंट कर बेच दी 8 बीघा सरकारी भूमि

देहरादून राजधानी के मेहूवाला क्षेत्र में भूमाफियाओं का एक ऐसा संगठित गिरोह सक्रिय हुआ है जो न केवल सरकारी जमीन को ठिकाने लगा रहा है, बल्कि शासन-प्रशासन के अधिकारियों को डराने के लिए मुख्यमंत्री की साख का इस्तेमाल करने का भी प्रयास कर रहा है। जानकारी के अनुसार, गिरोह के सदस्य मुख्यमंत्री के साथ अपनी फोटो दिखाकर अधिकारियों पर दबाव बनाने की फिराक में हैं, ताकि अवैध प्लॉटिंग का काम बिना किसी बाधा के चलता रहे।

लेखपालों की भूमिका संदिग्ध, 

18 बीघा जमीन पर नजर मेहूवाला क्षेत्र के विभिन्न खसरा नंबरों पर अवैध कब्जे और प्लॉटिंग का काम धड़ल्ले से जारी है। आरोप है कि नगर निगम और राजस्व विभाग के लेखपालों की मिलीभगत से इस पूरे खेल को अंजाम दिया जा रहा है।

इन खसरा नंबरों पर हुआ 

खेल’: एससी के पट्टे की भूमि भी शामिल:

खसरा नंबर 2194 ख, 2192 ग, 2322 ज, 2201, 2204, 2205 और 2206 की लगभग 10 बीघा भूमि पर अवैध कब्जा किया गया है। इसमें अनुसूचित जाति (SC) के पट्टे भी गलत तरीके से हथियाने का आरोप है।

सरकारी भूमि का विलय: सबसे चौंकाने वाला मामला सरकारी खसरा नंबरों का है। खसरा नंबर 2191 क (500 मीटर), 2193 (900 मीटर), 2194 (1500 मीटर), 2195 (400 मीटर), 2199 (1600 मीटर) और 2200 (650 मीटर) की लगभग 8 बीघा जमीन को राजस्व कर्मियों की साठगांठ से निजी भूमि में दिखाकर प्लॉटिंग की जा रही है।

गुप्ता दंपत्ति पर मास्टरमाइंड होने का आरोप

क्षेत्रीय सूत्रों और स्थानीय लोगों के अनुसार, इस पूरे प्रकरण के मुख्य सूत्रधार के रूप में मीता गुप्ता और उनके पति संजय गुप्ता का नाम उभरकर सामने आ रहा है। आरोप है कि यह गिरोह न केवल बाउंड्रीवाल का निर्माण कर रहा है, बल्कि भोले-भाले लोगों को सरकारी जमीन बेचकर मोटा मुनाफा भी कमा रहा है।

मुख्यमंत्री को गुलदस्ता भेंट कर बेच दी 8 बीघा सरकारी भूमि

फोटो के सहारे ‘रौब’ गालिब करने की नई तकनीक

भूमाफिया अब कार्रवाई से बचने के लिए नए-नए तरीके अपना रहे हैं। व्हाट्सएप डीपी और सोशल मीडिया पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के साथ फोटो लगाकर यह संदेश देने की कोशिश की जा रही है कि उनके ऊपर सत्ता का हाथ है। इसका सीधा मकसद क्षेत्र में आने वाले जांच अधिकारियों और कर्मचारियों के मन में डर पैदा करना है।

कार्रवाई की मांग

इस गंभीर भ्रष्टाचार और भूमि घोटाले के खिलाफ मुख्यमंत्री और जिला प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग की है। अब देखना यह है कि क्या प्रशासन इन रसूखदार भूमाफियाओं

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