एसआईआर से पहले बीएलओ मैपिंग में सुस्ती पर सख्ती, तीन जिलों के ईआरओ को नोटिस

उत्तराखंड। भारत निर्वाचन आयोग ने प्रदेश में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) से पहले चल रही बीएलओ मैपिंग में सुस्ती को गंभीरता से लेते हुए तीन जिलों के ईआरओ को नोटिस जारी किया है।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बीवीआरसी पुरुषोत्तम ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे आगामी एसआईआर के लिए जिलावार एक्शन प्लान तैयार करें।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में समीक्षा, तीन जिलों पर नाराजगी
मंगलवार को हुई समीक्षा बैठक में देहरादून, ऊधमसिंह नगर और नैनीताल जिलों में बीएलओ मैपिंग की धीमी प्रगति पर कड़ी नाराजगी जताई गई। इसके बाद संबंधित ईआरओ को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के लिए अलग-अलग रणनीति बनाकर एसआईआर का कार्य समयबद्ध तरीके से पूरा करने को कहा।
87% मैपिंग पूरी, बाकी जिलों में तेजी के निर्देश
अधिकारियों के अनुसार प्रदेश में अब तक 87 प्रतिशत मतदाताओं की मैपिंग पूरी हो चुकी है। हालांकि देहरादून, ऊधमसिंह नगर और नैनीताल में प्रगति अपेक्षाकृत धीमी पाई गई।
अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि शहरी क्षेत्रों में नगर निगम के कर्मचारियों की तैनाती की जाए, बीएलओ की ट्रेनिंग लगातार जारी रखी जाए, सभी बूथों पर शत-प्रतिशत बीएलए (बूथ लेवल एजेंट) की नियुक्ति सुनिश्चित की जाए, और राजनीतिक दलों के साथ बैठक कर समन्वय बढ़ाया जाए।
फार्म वितरण के लिए भी तैयारी के निर्देश
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने सभी जिलों को निर्देश दिए कि गणना प्रपत्र (फॉर्म) वितरण के लिए पहले से विस्तृत योजना तैयार की जाए, ताकि एसआईआर के दौरान कोई बाधा न आए।
बैठक में विजय कुमार जोगदंडे, किशन सिंह नेगी और मस्तू दास सहित सभी जिलाधिकारी वर्चुअल रूप से शामिल हुए।
जिलावार बीएलओ मैपिंग प्रतिशत
रुद्रप्रयाग – 100%
बागेश्वर – 100%
चंपावत – 99%
उत्तरकाशी – 99%
अल्मोड़ा – 97%
पिथौरागढ़ – 95%
टिहरी – 95%
चमोली – 95%
पौड़ी – 93%
हरिद्वार – 89%
नैनीताल – 88%
ऊधमसिंह नगर – 77%
देहरादून – 77%
क्या है एसआईआर
विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत मतदाता सूची को अपडेट किया जाता है, जिसमें नए मतदाताओं का नाम जोड़ना, मृत या स्थानांतरित मतदाताओं के नाम हटाना और त्रुटियों को सुधारना शामिल होता है।




